Hindi poetry after my death:जीवन के संग्राम में, जो क्षण तेरे संग ना बीते! - Path Me Harshringar : by Abhijit Thakur

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Friday, 1 February 2019

Hindi poetry after my death:जीवन के संग्राम में, जो क्षण तेरे संग ना बीते!


  • दूर क्षितिज तक
  • कभी जो दृष्टि जाऐ,
  • मैं रहूँ न रहूँ।

  • देख रहा हूँ मैं,ये
  • जानकर तुम मुस्काओ।।
  • जीवन के संग्राम में,
  • जो क्षण तेरे संग ना
  • बीते, सब मलाल भूल
  • जाओ।।

  • अमावस्या की रातों
  • जैसा, तुम स्वयं
  • के जीवन पर कालिख
  • ना लगाओ।।

  • खोज लाना वो
  • रोशनाई जिससे
  • तुम्हारा दिल और
  • घर, जगमागाये।।

  • रखना ख्याल हर
  • हाल में, कोई सपना
  • जो रातों को तुम्हेँ डराये।
  • ना जाना अब उन
  • गलियों में, जहाँ याद मेरी,
  • तेरी आँखों में पानी
  • की वजह बन जाये।।

  • सफर में मुलाकात
  • फिर होगी किसी जन्म में,
  • रहे याद, रखना उम्मीद का
  • इक दीया जलाये,
  • हवाओं से बचाये।।
अभिजीत ठाकुर

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