Hindi Spiritual poetry: चलो कभी फुर्सत में साथ मेरे है सफर!
Abhijit Thakur
09:13
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चलो कभी फुर्सत में, साथ मेरे है सफर अनंत के। अनेक सृष्टियोँ के पार भी और जहाँ होगेँ।। अपने प्रेम का नव आयाम, तब ही जुड़ ...
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